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अनजिया जीवन ही विचार बन के घूमता है || आचार्य प्रशान्त (2016)

2019-11-28 1 Dailymotion

वीडियो जानकारी:

शब्दयोग सत्संग
२१ सितम्बर २०१६
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा

प्रसंग:
क्या अनजिया जीवन ही विचार बन के घूमता है
मन को शांत कैसे करें?
मन में इतना खींच-पीच क्यों चलता रहता है?
विचारों से परेशान क्यों हो जाते है?
निर्विचार कैसे हुआ जा सकता है?
हम अक्सर परेशान क्यों रहते है?
परेशानी का कारण क्या है?

संगीत: मिलिंद दाते